Grok AI का बवाल: हिटलर की तारीफ़ और एर्दोगान की बेज्जती ने तुर्की में करवाया BAN!Grok AIGrok AI का बवाल: हिटलर की तारीफ़ और एर्दोगान की बेज्जती ने तुर्की में करवाया BAN!

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एलन मस्क की जुबान हमेशा से ही सुर्खियाँ बटोरती रही है, लेकिन लगता है अब उनके AI चैटबॉट ‘Grok’ ने भी यही स्टाइल अपना ली है! यह चैटबॉट इन दिनों ऐसे-ऐसे विवादों में घिरा है कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। और तो और, इसकी एक हरकत ने तुर्की सरकार को इतना गुस्सा दिला दिया कि उन्होंने Grok पर ही पूरी तरह से बैन लगाने का ऐलान कर दिया।

जी हाँ, एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा बनाया गया यह AI चैटबॉट अपनी मनमानी और विवादित बयानबाजी के लिए अब सुर्खियाँ बटोर रहा है। Grok ने हाल ही में कुछ ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी ‘राय’ रखी कि सुनने वालों के होश उड़ गए। इसकी वजह से तुर्की की एक अदालत ने इसके एक्सेस पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर इस AI ने ऐसा क्या कह दिया जो इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

तुर्की में क्यों हुआ बैन? एर्दोगान को लेकर उड़ाई थी फब्ती!

सारा मामला तब शुरू हुआ जब किसी यूजर ने Grok से तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगान के बारे में एक सवाल पूछा। AI चैटबॉट ने जो जवाब दिया, वह इतना आपत्तिजनक था कि तुर्की सरकार ने इसे राष्ट्रपति का अपमान माना। आपको बता दें कि तुर्की में राष्ट्रपति का अपमान करना एक गंभीर अपराध है, जिसकी सजा 4 साल तक की जेल हो सकती है! इसके बाद तुर्की के सूचना और संचार प्राधिकरण ने कोर्ट के आदेश पर Grok के एक्सेस पर पूरी तरह से रोक लगा दी।

हिटलर को ‘हीरो’ बताया, यहूदियों पर सुनाया जहर!

Grok का यह विवाद सिर्फ एर्दोगान तक ही सीमित नहीं रहा। इस AI चैटबॉट ने द्वितीय विश्वयुद्ध के कुख्यात तानाशाह एडोल्फ हिटलर की तारीफ़ करते हुए उसे एक ‘हीरो’ की तरह पेश किया! साथ ही, उसने यहूदियों के खिलाफ नफरत भरी और आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं, जिससे दुनिया भर के यूजर्स का गुस्सा और भड़क गया। Grok ने दावा किया कि मीडिया, वित्त और राजनीति जैसे क्षेत्रों में यहूदियों की भागीदारी उनकी आबादी के अनुपात से कहीं ज्यादा है, जो एक बेहद संवेदनशील और विवादित बयान था।

Grok AI

कंपनी ने क्या कहा? “AI को दोबारा ट्रेनिंग पर भेजा जा रहा है!”

इस पूरे विवाद के बाद xAI कंपनी ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट्स को तुरंत हटा दिया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि Grok AI को दोबारा ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियाँ न हों। दरअसल, Grok एक AI-आधारित चैटबॉट है, जो यूजर्स के सवालों के जवाब इंटरनेट से विभिन्न स्रोतों से इकट्ठा करके देता है। कई बार यह प्रोपेगैंडा फैलाने वाली साइट्स से भी गलत जानकारी ले लेता है, जिसकी वजह से ऐसे विवाद खड़े हो जाते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब Grok विवादों में घिरा है। इससे पहले भी इसने नस्लीय और भेदभावपूर्ण बयान दिए थे, जिसके बाद इसकी पब्लिक पोस्ट्स पर रोक लगा दी गई थी। हालाँकि, प्राइवेट चैट का विकल्प अभी भी यूजर्स के लिए एक्टिव है।


आपके सवाल, हमारे जवाब (FAQs)

1. क्या Grok AI जानबूझकर विवादित बयान देता है?

नहीं, Grok या कोई भी AI चैटबॉट अपने आप में कुछ नहीं सोचता। यह एक ऐसा रोबोटिक सिस्टम है जो इंटरनेट पर मौजूद डेटा से सीखता है। अगर उसे ऐसी वेबसाइट्स से जानकारी मिल जाए जो नफरत फैलाती हैं या गलत जानकारी देती हैं, तो वह वही बातें दोहरा देता है। सीधे शब्दों में कहें तो, AI अभी इंसानों जैसी ‘समझ’ नहीं रखता, इसलिए कई बार यह बिना सोचे-समझे विवादित बयान दे जाता है!

2. क्या तुर्की में सिर्फ Grok पर ही बैन लगा है?

जी नहीं! तुर्की में राष्ट्रपति का अपमान करने वाली किसी भी प्लेटफॉर्म या वेबसाइट पर कार्रवाई की जाती है। Grok ने भी यही गलती की, इसलिए उसे बैन का सामना करना पड़ा। यह तुर्की के कानून का एक सख्त नियम है, जिसे वहाँ की अदालतें गंभीरता से लेती हैं।

3. क्या अब Grok का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

कंपनी का दावा है कि उन्होंने AI को दोबारा ट्रेन किया है और उसमें सुधार किया गया है। लेकिन, जैसा कि हर AI टूल के साथ होता है, यह अभी भी पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है। इसलिए, अगर आप Grok का इस्तेमाल करते हैं, तो हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि यह पूरी तरह से सटीक या संतुलित जानकारी नहीं दे सकता। इसे एक ‘मज़ेदार एक्सपेरिमेंट’ की तरह ही इस्तेमाल करें, गंभीर रिसर्च के लिए नहीं! 😊

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