केरल की इन फेमस जगहों पर मंडरा रहा है खतरा! जमीन खिसकने की घटनाओं के बीच जानें कब करें ट्रिप प्लान

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केरल, जिसे ‘भगवान का अपना देश’ कहा जाता है, अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन हाल ही में भारी बारिश के कारण यहां के कई लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। अगर आप भी केरल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा संभल जाएं! आइए जानते हैं कि किन जगहों पर फिलहाल जाना सेफ नहीं है और सही समय क्या है।

कहां-कहां है खतरा?
हाल में मुन्नार के पास एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार दो भूस्खलन की दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें एक ड्राइवर की दुखद मौत भी हो गई। इससे स्थानीय प्रशासन भी सतर्च हो गया है। सिर्फ मुन्नार ही नहीं, इडुक्की और वायनाड जैसे पहाड़ी इलाके भी अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। पोनमुडी और अगस्थ्यमलाई जैसे हरे-भरे जंगलों वाले क्षेत्र, जो टूरिस्टों के बीच बेहद पॉपुलर हैं, वहां भी फिलहाल जाने से बचना चाहिए। कोट्टायम के आसपास के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में भी जमीन खिसकने का खतरा बना हुआ है।

लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जमीन का आधार कमजोर हो जाता है, जिससे मिट्टी, चट्टानें और मलबा अचानक नीचे आ सकते हैं। इससे न सिर्फ सड़कें बंद होती हैं, बल्कि यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप पहले से ही सतर्कता बरतें।

ट्रैवल से पहले जरूर ध्यान दें ये बातें:

  1. मौसम की जानकारी रखें: यात्रा की योजना बनाने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के अपडेट्स जरूर देखें।
  2. रात की यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों में रात के समय यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
  3. लोकल सलाह लें: हो सके तो स्थानीय ट्रैवल एजेंट्स से रास्तों की हालत के बारे में पूछ लें या फिर ऑनलाइन अपडेट चेक करते रहें।
  4. गति पर नियंत्रण रखें: तेज रफ्तार और खतरनाक मोड़ दुर्घटना को न्यौता दे सकते हैं।
  5. तैयार रहें: हमेशा इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी अपने पास रखें।
केरल

तो फिर केरल जाने का सबसे सही समय क्या है?
अगर आप केरल की प्राकृतिक खूबसूरती का पूरा आनंद बिना किसी डर के लेना चाहते हैं, तो अक्टूबर से मार्च का समय सबसे बेस्ट है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, नमी कम होती है और दिन में हल्की धूप के साथ रातें ठंडी होती हैं। इस समय मुन्नार, थेक्कड़ी, वायनाड और अल्लेप्पी जैसी जगहों की सैर का पूरा मजा लिया जा सकता है। ट्रेकिंग, बोटिंग, हाउसबोट में रुकना या बीच एक्टिविटीज जैसी हर चीज के लिए यह परफेक्ट टाइम है। सबसे बड़ी बात, इस मौसम में भूस्खलन का खतरा नहीं रहता और सभी टूरिस्ट स्पॉट्स आसानी से पहुंच के भीतर होते हैं।

तो सुरक्षित और यादगार ट्रिप के लिए सही समय का इंतजार करें और केरल की खूबसूरती का भरपूर आनंद लें!


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या अभी केरल के हिल स्टेशनों पर जाना सुरक्षित है?

फिलहाल, भारी मानसून की वजह से मुन्नार, इडुक्की, वायनाड और कोट्टायम जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि वे अगले कुछ हफ्तों तक इन क्षेत्रों की यात्रा टाल दें या फिर IMD और स्थानीय अलर्ट पर strict नजर रखें।

2. केरल घूमने का सबसे सुरक्षित समय कौन सा है?

केरल घूमने का सबसे सुरक्षित और आदर्श समय अक्टूबर से मार्च के बीच का महीना है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, बारिश नहीं होती और भूस्खलन जैसे खतरे नहीं होते। यह समय ट्रेकिंग, साइटसीिंग और बैकवाटर की सैर के लिए परफेक्ट है।

3. अगर मुझे केरल जाना ही है, तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अगर आपको मानसून के दौरान ही जाना है, तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें:

-हमेशा मौसम का अपडेट चेक करते रहें।
-रात में यात्रा करने से बचें।
-स्थानीय अथॉरिटीज द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान दें।
-अपने साथ इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर और फर्स्ट-एड किट जरूर रखें।
-ओवरस्पीड न करें और खासकर पहाड़ी मोड़ों पर एकदम सावधानी बरतें।

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